श्री वेङ्कटेशस्तोत्रम् (Venkatesha Stotram) – Lyrics in Sanskrit and English with Meaning & Benefits

वेङ्कटेशो वासुदेवः प्रद्युम्नोऽमितविक्रमः । सङ्कर्षणोऽनिरुद्धश्च शेषाद्रिपतिरेव च ॥ १॥ Veṅkaṭeśo Vāsudevaḥ Pradyumno’mitavikramaḥ | Saṅkarṣaṇo’niruddhaś ca Śeṣādri-patir eva ca || 1 ||
Read More

Sri Radha Kripa Kataksh Stotra (श्री राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र) Complete Lyrics with Hindi Meaning

मुनीन्द्र–वृन्द–वन्दिते त्रिलोक–शोक–हारिणि प्रसन्न-वक्त्र-पण्कजे निकुञ्ज-भू-विलासिनि व्रजेन्द्र–भानु–नन्दिनि व्रजेन्द्र–सूनु–संगते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१॥
Read More

Kaun Kutil Khalkami by Surdas ji with Lyrics and meaning | कौन कुटिल खल कामी।

मो सम कौन कुटिल खल कामी। जेहिं तनु दियौ ताहिं बिसरायौ, ऐसौ नोनहरामी॥ भरि भरि उदर विषय कों धावौं, जैसे सूकर ग्रामी। हरिजन छांड़ि हरी-विमुखन की निसदिन करत गुलामी॥
Read More

Vishnu Sahasranama (श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम्) Full Lyrics in Sanskrit with Hindi Meaning -in Sanskrit

नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् ।देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत् ॥ ॐ अथ सकलसौभाग्यदायक श्रीविष्णुसहस्रनामस्तोत्रम् । शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नो-पशान्तये ॥ १॥ यस्य द्विरदवक्त्राद्याः पारिषद्याः परः शतम् ।विघ्नं निघ्नन्ति सततं विष्वक्सेनं तमाश्रये ॥ २॥ व्यासं वसिष्ठनप्तारं शक्तेः पौत्रमकल्मषम् ।पराशरात्मजं वन्दे शुकतातं तपोनिधिम् ॥ ३॥ व्यासाय विष्णुरूपाय व्यासरूपाय विष्णवे ।नमो वै ब्रह्मनिधये वासिष्ठाय
Read More

Dheera Sameere Yamuna Teere – Jayadeva Gita Govinda Lyrics with Meaning

धीरसमीरे यमुनातीरे वसति वने वनमालीlगोपीपीनपयोधरमर्दनचञ्चलकरयुगशाली ॥ १॥ नाम समेतं कृतसंकेतं वादयते मृदुवेणुम्।बहु मनुते ननु ते तनुसंगतपवनचलितमपि रेणुम् ॥ २॥ धीरसमीरे यमुनातीरे वसति वने वनमालीl पतति पतत्रे विचलति पत्रे शङ्कितभवदुपयानम्।रचयति शयनं सचकितनयनं पश्यति तव पन्थानम् ॥३॥ धीरसमीरे यमुनातीरे वसति वने वनमालीl मुखरमधीरं त्यज मञ्जीरं रिपुमिव केलिसुलोलम्।चल सखि कुञ्जं सतिमिरपुञ्जं शीलय नीलनिचोलम् ॥ ४॥ धीरसमीरे यमुनातीरे वसति
Read More

Hanuman Chalisa (श्री हनुमान चालीसा) with lyrics and meaning

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ shrī guru charaṇ saroj raj, nij manu mukuru sudhāri baraṇau raghubar bimal jasu, jo dāyaku phal chāri
Read More

Sri Hari Stotram (श्री हरि स्तोत्रम्) in sanskrit with meaning in English

श्री हरि स्तोत्रम् |  श्री हरि स्तोत्रम् जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं शरच्चन्द्रभालं महादैत्यकालं नभोनीलकायं दुरावारमायं सुपद्मासहायम् भजेऽहं भजेऽहं॥1॥
Read More

Govind Damodar Stotram – गोविन्द दामोदर स्तोत्रम् Lyrics in Sanskrit with Hindi Meaning

श्री बिल्वमंगल ठाकुर द्वारा रचित यह स्तोत्र भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की मनोहारी छवि का वर्णन करता है। इसे भक्तों के हृदय में ईश्वर के सगुण रूप के ध्यान को सरल, सजीव और साकार बनाने के उद्देश्य से रचा गया है। इसमें उस अनुपम दृश्य का चित्रण है जब भगवान श्रीकृष्ण बालरूप में वटपत्र पर
Read More